हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन का कोरोना वायरस पर प्रमुख बिंदु

Gulshan Kumar

हाल ही में भारत सरकार ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन (Hydroxychloroquine- HCQ) के निर्यात पर लगाए गए अपने पूर्व के प्रतिबंध को समाप्त कर इसके निर्यात की अनुमति दे दी है।

क्या है हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन

  • हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन एक मलेरिया रोधी दवा है। यह क्लोरोक्विन (Chloroquine) का एक यौगिक/डेरिवेटिव (Derivative) है, जिसे क्लोरोक्विन से कम विषाक्त (Toxic) माना जाता है। रूमेटाइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) और लूपस (Lupus) जैसी कुछ अन्य बीमारियों के मामलों में भी डॉक्टर की सलाह पर इस दवा का उपयोग किया जाता है।

COVID-19 और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन

  • विश्व की किसी भी स्वास्थ्य संस्था द्वारा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन को COVID-19 के उपचार के लिये प्रमाणित नहीं किया गया है।
  • मार्च 2020 में ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एंटीमाइक्रोबियल एजेंट’ (International Journal of Antimicrobial Agents- IJAA) में प्रकाशित एक फ्राँसीसी वैज्ञानिक के शोध के अनुसार, COVID-19 से संक्रमित 20 मरीज़ों में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के प्रयोग से अन्य मरीज़ो की तुलना में बेहतर परिणाम पाए गए।
  • हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के साथ एजिथ्रोमाइसिन (एक एंटीबायोटिक दवा) के प्रयोग से COVID-19 के उपचार में प्रभावी परिणाम देखे गए।

भारत में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन का प्रयोग :-

  • ‘भारतीय औषधि महानियंत्रक’ (Drug Controller General of India- DGCI) द्वारा आपातकालकालीन स्थिति में ICMR के सुझावों के तहत इस दवा के सीमित प्रयोग की अनुमति दी गई है। सरकार ने इस बात पर विशेष बल दिया है कि COVID-19 के मामलों में इस दवा का प्रयोग चिकित्सक की देख-रेख के बगैर नहीं किया जा सकता है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार, बिना किसी चिकित्सीय परामर्श के इस दवा के प्रयोग के गंभीर नकारात्मक परिणाम भी हो सकते हैं और इससे व्यक्ति की संक्रमण से लड़ने की क्षमता को भी नुकसान हो सकता है।
  • 30 मार्च 2020 को ‘भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद’ (Indian Council of Medical Research- ICMR) ने COVID-19 से संक्रमित मरीज़ों का उपचार कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के उपयोग के संदर्भ में दिशा-निर्देश जारी किये।

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की मुख्य बिंदु 

  • भारत सरकार ने 7 अप्रैल, 2020 को मलेरिया के उपचार में प्रयोग की जाने वाली दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के साथ कुछ अन्य दवाओं के निर्यात की अनुमति दे दी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, COVID-19 महामारी के मानवीय पहलुओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
  • इसके तहत भारत पर आश्रित (दवाओं के संदर्भ में) पड़ोसी देशों के लिये पैरासिटामाॅल और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की उचित मात्रा को निर्यात करने की अनुमति दी गई है। साथ ही इन आवश्यक दवाओं को उन देशों में भी भेजा जाएगा जो इस महामारी से विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं।
  • केंद्र सरकार के अनुसार, वर्तमान में निर्यात के लिये स्वीकृत HCQ और अन्य दवाएँ देश में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। सरकार के इस निर्णय के तहत दवाओं के स्टॉक की स्थिति और घरेलू मांग के आधार पर ही इन दवाओं का निर्यात किया जाएगा।
  • 25 मार्च, 2020 को विदेश व्यापार महानिदेशालय (Directorate General of Foreign Trade- DGFT) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, HCQ को प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में डाल दिया था और 4 अप्रैल, 2020 को इस दवा के निर्यात को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया था
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